सोशल मीडिया पर खुद को “तांत्रिक बाबा” या “मौलाना” बताकर लोगों को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, और अब इनमें तकनीक का इस्तेमाल भी जुड़ गया है। चंडीगढ़ में एक महिला से करीब ₹40 लाख (नकद और लगभग 150 ग्राम सोना) की ठगी हुई, राजस्थान के खैरथल-तिजारा में एक पीड़ित से लगभग ₹6.27 लाख ठगे गए, और दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा जिस पर AI से बनाए गए भूतिया वीडियो-फोटो दिखाकर 50 से अधिक लोगों को ठगने का आरोप है।
इस लेख में
यह लेख रिपोर्ट की गई घटनाओं, 10 चेतावनी संकेतों और ठगी होने पर उठाने वाले कदमों की जानकारी देता है। हम केवल वही लिखते हैं जो संबंधित समाचार रिपोर्टों में कहा गया है।
असली घटनाएँ
चंडीगढ़: फेसबुक-इंस्टाग्राम के जरिए ₹40 लाख की ठगी
द ट्रिब्यून (Tribune India) की रिपोर्ट के अनुसार, पारिवारिक समस्याओं से परेशान चंडीगढ़ की एक महिला फेसबुक और इंस्टाग्राम पर “तांत्रिक बाबा” और “मौलाना” के रूप में खुद को पेश करने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में आई। आरोपी ने काल्पनिक “तांत्रिक खतरों” का डर दिखाकर महिला को बार-बार भुगतान के लिए मजबूर किया। यह ठगी फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच चली, जिसमें बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए और चंडीगढ़ में सीधे सोना भी हासिल किया गया। पुलिस ने बैंक केवाईसी दस्तावेजों और मोबाइल डेटा की मदद से आरोपी की पहचान की — राजस्थान के झुंझुनू जिले के निवासी रोहित भार्गव (25) — और उसे गिरफ्तार कर उसके दो मोबाइल फोन बरामद किए।
राजस्थान (खैरथल-तिजारा): पर्चों और विज्ञापनों के जरिए फंसाने का मामला
ईटीवी भारत (ETV Bharat) की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में एक व्यक्ति बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों पर पर्चे और विज्ञापन लगाकर खुद को वशीकरण, तांत्रिक क्रिया और भूत-प्रेत बाधा दूर करने वाला “तांत्रिक” बताता था। जो लोग दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करते, उन्हें धीरे-धीरे भरोसे में लेकर पूजा सामग्री, विशेष तांत्रिक अनुष्ठान और बाधा-निवारण के नाम पर पैसे ऐंठे जाते। एक पीड़ित से करीब ₹6.27 लाख की ठगी की पुष्टि हुई। भिवाड़ी पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपी दानिश खान को मेरठ (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया। तिजारा के डीएसपी शिवराज सिंह के अनुसार, आशंका है कि इस तरह के अन्य पीड़ित भी हो सकते हैं और जांच जारी है।
नया तरीका: AI वीडियो से भरोसा जीतने की कोशिश
डेक्कन हेराल्ड (PTI के हवाले से, अक्टूबर 2025) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के झुंझुनू के 20 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर सोशल मीडिया पर “तांत्रिक” बनकर देशभर में 50 से अधिक लोगों को ठगने का आरोप है। रिपोर्ट में बताई गई कार्यप्रणाली इस प्रकार है।
- फर्जी अकाउंट और वेबसाइट: पुलिस के अनुसार आरोपी कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और एक नकली वेबसाइट चलाता था और खुद को तंत्र-मंत्र से निजी व पारिवारिक समस्याएँ सुलझाने वाला बताता था।
- AI से बने दृश्य: दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश महला के बयान के मुताबिक, आरोपी ने AI टूल्स से भूतिया आकृतियों और रहस्यमय अनुष्ठानों के फोटो-वीडियो बनाए और उन्हें अपने पेज व वेबसाइट पर डालकर अपने दावों को विश्वसनीय दिखाया।
- पेड विज्ञापन: पुलिस के अनुसार वह अपनी रील्स को पेड विज्ञापनों से बढ़ावा देता था और खासकर भावनात्मक रूप से कमजोर, रिश्तों या निजी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को निशाना बनाता था।
- डर और यूपीआई भुगतान: संपर्क होने पर वह फोन और चैट पर घर में भूत-प्रेत या काले जादू का डर बैठाता, अनुष्ठानों की जरूरत बताता और ऑनलाइन ट्रांसफर मंगवाता। पुलिस के मुताबिक भुगतान उसके और परिवार के बैंक खातों से जुड़े यूपीआई खातों में लिया गया, और रकम मिलते ही वह पीड़ितों को ब्लॉक कर चैट डिलीट कर देता था।
- शिकायत और गिरफ्तारी: राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दिल्ली की एक महिला की शिकायत से जांच शुरू हुई, जिसने ₹1.14 लाख ठगे जाने की बात कही। महिला के अनुसार उसे घर में बुरी आत्माओं का डर दिखाने के लिए साये जैसी आकृतियों की बदली हुई तस्वीरें भेजी गईं। पुलिस ने बैंक खातों के जरिए पैसे का सुराग लगाया और 9 अक्टूबर को छापा मारकर आरोपी को झुंझुनू से पकड़ा।
- बरामदगी: रिपोर्ट के अनुसार तीन मोबाइल, पांच सिम, तीन डेबिट कार्ड, तीन चेकबुक और वह नकली वेबसाइट जब्त की गईं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कई महीनों से यह ठगी चलाने की बात मानी।
सबक: स्क्रीन पर दिखी डरावनी आकृति किसी के तांत्रिक होने का प्रमाण नहीं है, क्योंकि ऐसे दृश्य AI से बनाए जा सकते हैं।
10 चेतावनी संकेत
ऊपर बताए मामलों के पैटर्न और सामान्य समझ के आधार पर इन संकेतों पर नज़र रखें:
- अनजान व्यक्ति का अचानक संपर्क या विज्ञापन — फेसबुक, इंस्टाग्राम, रील्स के विज्ञापन या पर्चे के जरिए कोई आपकी निजी समस्या का “पक्का समाधान” देने का दावा करे।
- डर और आपातकाल की भाषा — आपके घर, परिवार या करियर पर “बड़ा खतरा”, “भूत-प्रेत” या “तांत्रिक बाधा” बताकर तुरंत कार्रवाई का दबाव बनाया जाए।
- छोटी शुरुआत, फिर बढ़ती फीस — पहले मामूली रकम मांगी जाए, फिर “विशेष पूजा”, “बड़े अनुष्ठान” के नाम पर रकम लगातार बढ़ती जाए।
- गारंटीशुदा नतीजे — “100% काम होगा”, “प्रेमी वापस आएगा”, “शादी पक्की” जैसे दावे। कोई भी ईमानदार परंपरा परिणाम की गारंटी नहीं देती।
- निजी यूपीआई या बैंक खाते में भुगतान — रसीद के बिना निजी यूपीआई आईडी, नकद, या गहनों की मांग।
- रुकने पर धमकी — भुगतान बंद करने पर “अनिष्ट होगा”, “परिवार को नुकसान होगा” जैसी धमकी दी जाए।
- वीडियो या स्क्रीन पर आपकी समस्या “देख लेने” का दावा — वीडियो कॉल या भेजे गए वीडियो-फोटो में साये, आकृतियाँ या “सबूत” दिखाना। जैसा ऊपर की रिपोर्ट में बताया गया, ऐसे दृश्य AI से बनाए या बदले जा सकते हैं।
- मुलाकात या सत्यापन से बचना — असली नाम, पता या किसी संस्था से जुड़ाव न बताना, और सामने मिलने या पहचान जांचने से कतराना।
- प्रेम या धन के शॉर्टकट का वादा — वशीकरण, “बॉयफ्रेंड कंट्रोल”, रातों-रात दौलत जैसे दावे। इस तरह की सेवाओं के नाम पर ठगी की रिपोर्ट सबसे ज़्यादा मिलती हैं।
- गोपनीयता और परिवार से दूरी का दबाव — “किसी को मत बताना, वरना असर खत्म हो जाएगा” कहकर आपको अकेला किया जाए। साथ ही फोटो, कपड़े, बाल या कोई निजी वस्तु मांगना भी एक चेतावनी संकेत है।
असली परंपरा कभी क्या वादा नहीं करती
किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक परंपरा की साख इस बात से नहीं बनती कि वह कितने चमत्कार दिखाती है। सच्ची परंपरा:
- किसी की मनचाही शादी, वापसी, धन या दूसरे व्यक्ति पर नियंत्रण की गारंटी नहीं देती।
- डर दिखाकर या धमकी देकर पैसा नहीं मांगती।
- आपको परिवार, डॉक्टर या कानून से अलग रहने को नहीं कहती।
- पूजा और साधना को बढ़ती कीमतों वाला “पैकेज” नहीं बनाती।
तनाव में हों तो परिवार, भरोसेमंद मित्र या काउंसलर से बात करना पहला कदम होना चाहिए।
दिल्ली का “बंगाली बाबा” प्रेम-विवाह ठगी मामला
द ट्रिब्यून की एक अलग रिपोर्ट में दिल्ली में “बंगाली बाबा” के नाम से चर्चित एक व्यक्ति के पुलिस के हाथ आने की खबर है, जिस पर कई महिलाओं को प्रेम-विवाह जैसी समस्याओं के समाधान के नाम पर ठगने का आरोप है। इस मामले की विस्तृत जानकारी हमारे अलग लेख में है: प्रेम विवाह के नाम पर ठगी: दिल्ली के “बंगाली बाबा” का मामला।
ठगी हो जाए तो क्या करें
शर्म या डर के कारण चुप न रहें। तुरंत ये कदम उठाएँ:
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें। यह वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने और संभव होने पर ट्रांसफर की गई राशि को रोकने में मदद करती है। जितनी जल्दी कॉल करेंगे, उतना बेहतर है।
- cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत (FIR) दें।
- अपने बैंक या यूपीआई ऐप को तुरंत सूचित करें ताकि खाते ट्रैक या फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू हो सके।
- संबंधित अकाउंट या नंबर को रिपोर्ट और ब्लॉक करें, लेकिन पहले नीचे बताए सबूत सुरक्षित कर लें।
सबूत के तौर पर क्या सुरक्षित रखें
- चैट, कमेंट, विज्ञापन और प्रोफाइल पेज के स्क्रीनशॉट (यूज़रनेम और लिंक सहित)।
- जिन यूपीआई आईडी, बैंक खातों और फोन नंबरों पर पैसा भेजा गया, उनका ब्योरा।
- भुगतान की रसीदें, ट्रांज़ैक्शन आईडी और बैंक स्टेटमेंट।
- कॉल लॉग, वॉइस नोट और भेजे गए फोटो-वीडियो। कुछ भी डिलीट न करें।
FAQ
1. ऑनलाइन तांत्रिक से ठगी हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?
सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक या यूपीआई ऐप को सूचित करें, नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं और चैट, रसीदें व स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
2. क्या AI से भी फर्जी तांत्रिक बनते हैं?
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया जिस पर AI से भूतिया आकृतियों और अनुष्ठानों के फोटो-वीडियो बनाकर लोगों को भरोसे में लेने का आरोप है।
3. फर्जी तांत्रिक ज्यादातर किन माध्यमों से संपर्क करते हैं?
रिपोर्ट किए गए मामलों में फेसबुक-इंस्टाग्राम प्रोफाइल और रील्स के पेड विज्ञापन, नकली वेबसाइट, तथा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर लगे पर्चों पर दिए मोबाइल नंबर सामने आए हैं। संपर्क के बाद फोन और चैट पर बातचीत होती है।
4. क्या किसी भी आध्यात्मिक सलाहकार का शुल्क लेना गलत है?
शुल्क लेना अपने आप में गलत नहीं होता, लेकिन वह पारदर्शी और रसीद-आधारित होना चाहिए। बिना रसीद निजी यूपीआई में भुगतान, लगातार बढ़ती फीस, डर या गारंटीशुदा नतीजे के वादे धोखाधड़ी के संकेत हैं।
5. अगर पैसे ट्रांसफर हो चुके हैं तो क्या वापस मिल सकते हैं?
घटना के तुरंत बाद 1930 पर सूचना देने से ट्रांसफर रोके जाने की संभावना बढ़ती है। जितनी जल्दी शिकायत होगी, संभावना उतनी बेहतर रहती है, हालांकि हर मामले में रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं है।
6. परिवार में किसी को ऐसी ठगी से कैसे बचाएँ?
तनाव के समय परिवार में खुलकर बात करें और किसी को भी “गोपनीय” उपाय बताने वाले अनजान व्यक्ति के भुगतान से पहले रुकने को कहें। ऊपर बताए 10 संकेत परिवार के साथ साझा करें और 1930 का नंबर सबके फोन में सेव करा दें।
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अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल जागरूकता और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई घटनाएँ संबंधित समाचार रिपोर्टों पर आधारित हैं और उनमें आरोपियों पर लगे आरोप अदालत में सिद्ध होने तक आरोप ही हैं। यह लेख किसी विशिष्ट व्यक्ति, संस्था या सेवा को दोषी ठहराने या बढ़ावा देने का प्रयास नहीं करता। किसी भी ज्योतिषीय, तांत्रिक या आध्यात्मिक सेवा से जुड़ने से पहले स्वयं सावधानी बरतें और स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें। यदि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो कानूनी सलाह लें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करें।
स्रोत
- https://www.tribuneindia.com/news/chandigarh/chandigarh-woman-duped-of-rs-40-lakh-in-cyber-fraud-posing-as-tantrik/
- https://www.etvbharat.com/hi/state/khairthal-tijara-police-action-fake-tantrik-duped-lakhs-by-luring-people-arrested-from-meerut-rajasthan-news-rjs26020504493
- https://www.deccanherald.com/india/rajasthan/tantrik-uses-ai-based-videos-to-trap-victims-online-arrested-from-rajasthan-3762540
- https://www.tribuneindia.com/news/delhi/love-marriage-scam-elusive-bengali-baba-lands-in-police-net-for-duping-several-women-583378



